अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राएल और फ़लीस्तीन से जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने की अपील की है. बस्तियां बनाने की इस्राएली योजना से फ़लीस्तीनी ख़फ़ा हैं और चाहते हैं कि वार्ता से पहले इस्राएल योजना को वापस ले.
उपराष्ट्रपति जो बाइडन
इस्राएल ने इस हफ़्ते पश्चिम तट में 1600 नए घर बनाने की घोषणा की थी जिसकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने कड़ी निंदा की है. इस्राएल की इस घोषणा के चलते मध्य पूर्व शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिशों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है. गुरुवार को तेल अवीव यूनिवर्सिटी में अपने भाषण में बाइडन ने कहा कि सबसे अहम बात वार्ता को फिर शुरू करना है और बातचीत सदभावनापूर्ण माहौल में होनी चाहिए.
बाइडन ने स्पष्ट किया कि शांति प्रक्रिया को टाला नहीं जा
सकता क्योंकि अगर देर होती है तो इसका फ़ायदा फिर चरमपंथी उठाते हैं. मध्यपूर्व की यात्रा पर गए बाइडन इस्राएल की उस घोषणा से ऊहापोह की स्थिति में है जिसमें इस्राएल ने नई बस्तियां बनाने की बात कही है. इससे फ़लीस्तीनी पक्ष बेहद नाराज़ है. इससे पहले अमेरिका और अन्य अरब देशों के दबाव में फ़लीस्तीन इस्राएल के साथ अप्रत्यक्ष रूप से बातचीत पर राज़ी हो गया था.
अरब लीग के महासचिव अम्र मूसा ने बुधवार को बताया कि महमूद अब्बास फ़िलहाल बातचीत नहीं करना चाहते. गुरुवार को बाइडन और अब्बास के बीच फ़ोन पर बात हुई जिसमें उन्होंने कहा है कि अप्रत्यक्ष बातचीत में बाधा न आए इसके लिए ज़रूरी है कि इस्राएल बस्तियां बनाने की योजना से पीछे हटे. हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय का यह भी कहना है कि अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अब्बास वार्ता से हटना चाहते हैं.
अमेरिकी अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि तल्ख़ी आने के बावजूद अप्रत्यक्ष बातचीत अगले हफ़्ते से शुरू हो जाएगी. वैसे अपने भाषण में बाइडन ने कोई संकेत नहीं दिया है कि वह इस्राएल को नई बस्तियों की योजना रोकने के लिए कहेंगे लेकिन बताया कि प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने उन्हें भरोसा दिया है कि निर्माण कार्य कई सालों तक शुरू नहीं होगा. इसी भरोसे के आधार पर बाइडन कह रहे हैं कि अब कोशिश होनी चाहिए कि अन्य मुद्दों को सुलझाया जाए क्योंकि निर्माण का काम कई सालों तक नहीं होगा.
फ़लीस्तीनी नेता महमूद अब्बास पश्चिम तट और पूर्वी येरूशलम में निर्माण पर पूरी तरह रोक की मांग कर रहे हैं और उसके बाद ही वह शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए तैयार होंगे. मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए विशेष अमेरिकी दूत जॉर्ज मिचेल अगले हफ़्ते मध्य पूर्व आ रहे हैं और उसके बाद ही वार्ता शुरू करने के प्रयास तेज़ होंगे.
रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़
संपादन: ओ सिंह